Gulabo Sitabo movie review: गुलाबो सीताबो मूवी रिव्यू

Gulabo Sitabo Movie Review: गुलाबो सीताबो एक 2020 भारतीय हिंदी-भाषा की कॉमेडी मूवी है, जो शूजीत सरकार द्वारा निर्देशित है, जिसे रॉनी लाहिरी, और शैल कुमारशील कुमार द्वारा निर्मित किया गया है, और जूही चतुर्वेदी द्वारा लिखित है। लखनऊ में स्थापित, यह अमिताभ बच्चन और आयुष्मान खुराना को आक्रामक पुरुषों के रूप में प्रस्तुत करता है। COVID-19 महामारी के कारण, फिल्म को थिएटरमें रिलीज़ नहीं किया गया था, लेकिन दुनिया भर में अमेज़न प्राइम वीडियो पर 12 जून 2020 को रिलीज़ किया गया।

Gulabo Sitabo – Official Trailer | Amitabh Bachchan, Ayushmann Khurrana | June 12

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कहानी (Gulabo Sitabo Movie Review) :

फातिमा महल की मालकिन फातिमा बेगम के पति एक गुस्सैल, लालची, कंजूस, 78 साल के मिर्जा (अमिताभ बच्चन) और उसके एक जिद्दी किराएदार बांके रस्तोगी (आयुष्मान खुराना) जिनके बीच लंबे समय से चले आ रहे झगड़े और लालच में कई और लोग अपना फायदा लूटने पहुंच जाते हैं। मिर्ज़ाजी बांके को बिल्कुल पसंद नहीं करता उसे परेशान करने के नए-नए तरीके ढूंढता है और हवेली से निकालना चाहता है।

झगड़ालू, कंजूस और चिड़चिड़े स्वभाव के मिर्जा खूंसट, शरारती व्यक्ति हैं जिसकी एक ही ख्वाहिश है कि वह उस हवेली के कानूनी मालिक बन जाएं और इसी कोशिश में वह हमेशा लगे भी रहते हैं। उसे ख़ुद से 17 साल बड़ी फातिमा के मरने का इंतज़ार है। लालची मिर्ज़ा पैसों के लिए हवेली की पुरानी चीज़ों को चोरी से बेचता रहता है।

मिर्जा-अमिताभ-बच्चन
मिर्जा-अमिताभ बच्चन

लखनऊ में मौजूद 100 साल पुरानी हवेली टूटने के कगार पर पहुंच चुकी हैं।इस हवेली में कई परिवार किराए पर रहेते है। मिर्जा को हवेली पाने का बहुत लालच होता हे और इसे लेकर वह शांत नहीं बैठता हवेली के लिए ही वो बेगम से शादी करता हैं। वहीं बांके आटा चक्की की दुकान चलाता है। बांके एक गरीब लड़का है जो फैमिली की जिम्मेदारियों के बोझ तले दबा हुआ है।

यह फातिमा महल एक लड़ाई-झगड़ों का हवेली बन चुकी है। मिर्ज़ा एक वकील के साथ मिलकर बिल्डर को हवेली बेचने की तैयारी कर लेता है। उधर, बांके एलआईजी फ्लैट के लालच में आर्कियोलॉजी विभाग के एक अधिकारी से मिलकर इसे पुरातत्व विभाग को सौंपने की तैयारी कर लेता है। मगर, बेगम का मास्टर माइंड मिर्ज़ा और बांके की योजनाओं पर पानी फेर देता है।

बांके-रस्तोगी-आयुष्मान-खुराना
बांके रस्तोगी-आयुष्मान खुराना

फिल्मके गाने पूरी तरह से फिल्म के शब्दावली के अनुरूप हैं। जैसे “फटी अचकन के धागों पे लटके बुढऊ” – एक बूढ़े व्यक्ति का अपने फटे हुए कोट के फंदे पर लटका हुआ एक स्पष्ट विवरण।

कहानी से सीख:

हमें यही सीखने को मिलती है कि हक़दार वही बनता है, जिसे उस चीज़ की क़ीमत का अंदाज़ा हो। जिंदगी में अधिक की चाहत रखना ठीक है, लेकिन बहुत ज्यादा लालच ठीक नहीं।

क्यों देखें: 

अमिताभ बच्चन और आयुष्मान खुराना की बॉन्डिंग पहली बार साथ नजर आई है। इसके अलावा एक छोटे शहर से जुड़ी मजेदार कहानी का लुत्फ उठाना चाहते हैं तो फिल्म आपको देखनी चाहिए। अमिताभ बच्चन जी की एवरग्रीन एक्टिंग और मेकअप बोहत सराहनीय हैं आयुष्मान खुराना की बेस्ट एक्टिंग के साथ अच्छी डायलॉग डिलीवरी नजर आई है।

Gulabo Sitabo: Infographics

मूवीगुलाबो सीताबो (Gulabo Sitabo)
मूवी टाइप:विनोदी (कॉमिडी)
निर्देशक : शुजित सरकार
निर्माता :रॉनी लाहिरी, शील कुमार
लेखिका :जुही चतुर्वेदी
प्रमुख कलाकार :अमिताभ बच्चन, आयुष्मान खुराना, विजय राज, बृजेन्द्र काला, श्रृष्टि श्रीवास्तव, फारुख जाफर
संगीत :शंतनू मोइत्रा, अभिषेक अरोरा, अनुज गर्ग
छायांकन :अविक मुखोपाध्याय
उत्पादन कंपनी : राइजिंग सन फिल्म्स
प्रदर्शित : १२ जून २०२०
देश, भाषा: भारत, हिंदी
वितरक :अमेज़न प्राइम व्हिडिओ
रेटिंग4/5
Gulabo Sitabo: Infographics

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आयुष्मान खुराना की गुलाबो सीताबो मूवी आने से पहले इंस्टाग्राम पोस्ट पे रिएक्शन:

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